भटकटैया: जड़ों की बात : जड़ों में सिर्फ़ जड़ें ही नहीं हैं वहां पहाड़ हैं दुखों के (एक बार एक कवि ने दुःख को चम्मच से नहीं पीने आकंठ डूबने...